मेवाड़ के प्रमुख शासकों का कालक्रम

 मेवाड़ के प्रमुख शासकों का कालक्रम  बप्पा रावल (734 ई. - ?): मेवाड़ में गुहिल वंश के वास्तविक संस्थापक। रावल जैत्रसिंह (1213-1252 ई.): मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णिम काल; इल्तुतमिश को हराया। रावल रतन सिंह (1302-1303 ई.): चित्तौड़ का पहला साका (अलाउद्दीन खिलजी के समय)। राणा हम्मीर (1326-1364 ई.): सिसोदिया शाखा के संस्थापक, चित्तौड़ को पुनः जीता। राणा लाखा (1382-1421 ई.): जावर में चांदी की खानें निकलीं। राणा कुंभा (1433-1468 ई.): स्थापत्य कला के जनक (कुम्भलगढ़, विजय स्तंभ)। महाराणा सांगा (1509-1528 ई.): खानवा का युद्ध (बाबर के विरुद्ध), मेवाड़ अपनी शक्ति के चरम पर था। महाराणा उदय सिंह (1537-1572 ई.): उदयपुर की स्थापना (1559), अकबर के चित्तौड़ आक्रमण (1567) के समय शासक। महाराणा प्रताप (1572-1597 ई.): हल्दीघाटी युद्ध (1576), स्वतंत्रता के लिए संघर्ष। महाराणा अमर सिंह-I (1597-1620 ई.): मुगलों (जहांगीर) से संधि। महाराणा राजसिंह (1652-1680 ई.): औरंगजेब के विरुद्ध, राजसमंद झील का निर्माण।

 नागौर की राजनीतिक स्थिति ने गुजरात और मेवाड़ का संघर्ष आवश्यक बना दिया। 1456 ई. में नागौर के स्वामी फिरोज खां के मरने पर उसका पुत्र शम्सखां नागौर का स्वामी हुआ, परन्तु उसे हटाकर उसके छोटे भाई मुजाहिद खां ने नागौर पर अधिकार कर लिया। शम्स खां कुंभा की मदद से फिर से नागौर का स्वामी बन गया


अच्छा प्रश्न ❤️☘

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